आज का पंचांग ऑनलाइन कैसे चेक करे?

हिंदू धर्म में हिंदी पंचांग को बहुत महत्वता दी जाती है क्योंकि कोई भी शुभ कार्य करने से पहले हिंदू धर्म के लोग नक्षत्र, मुहूर्त, योग काल इस तरह की इत्यादि चीजों को देख कर ही अपने शुभ कार्य करने का समय निश्चित करते हैं, इन सभी चीजों को देखने के लिए आपके पास Hindi Calendar या पंचांग होना चाहिए तभी जाकर आप किसी भी दिन का शुभ समय मुहूर्त देख सकते हैं तो दोस्तों आज के इस पोस्ट में आप लोगों को आज का पंचांग ऑनलाइन कैसे देखें? (Aaj Ka Panchang Online Kaise Dekhe) इसके बारे में हम आपको पूरी जानकारी देने वाले हैं.

यदि आप भी हिंदी पंचांग को डाउनलोड करना चाहते हैं तो उसके लिए आप हमारे इस पोस्ट को पूरा जरूर पढ़ें हमने इसमें आपको हिंदी कैलेंडर हिंदी पंचांग का इस्तेमाल क्यों किया जाता है तथा इसे कैसे देखें इन सभी चीजों के बारे में हिंदी में पूरी जानकारी दी हुई है.

आप चाहे तो बाजार से एक हिंदी पंचांग भी खरीद सकते हैं यदि आपको यह बाजार में नहीं मिल पाता है तो उसके स्थान पर आप अपने मोबाइल में ही एक Best Hindi Panchang Calendar App Download कर सकते हैं इसमें आपको सभी प्रमुख तीज त्योहार कब है वह सभी भी बता दिए जाते हैं.

Aaj Ka Panchang क्या होता है?

पंचांग का अर्थ पांच अंग होता है और इसके प्रमुख अंग तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण द्वारा मिलकर बनता है, हिंदी कैलेंडर यानी कि हिंदी पंचांग [Today Panchang In Hindi] की उत्पत्ति वैदिक काल में ही हो चुकी थी 1 वर्ष में 12 महीने और 1 सप्ताह में 7 दिन रखने का प्रचलन विक्रम संवत से ही शुरु कर दिया गया था.

तथा तथा इन सभी महीनों का हिसाब सूर्य व चंद्रमा की गति पर किया जाता है. प्रत्येक माह में 15 दिनों के 2 पक्ष होते हैं पहला शुल्क पक्ष कहलाता है तथा दूसरा कृष्ण पक्ष कहलाता है हिंदी कैलेंडर के अनुसार नए वर्ष की शुरुआत वैशाख माह यानी कि अप्रैल-मई से शुरुआत होती है.  

ऐसा माना जाता है कि यदि आप कहीं बाहर की कोई लंबी यात्रा पर जा रहे हैं तो ऐसे में आप शुभ मुहूर्त जरूर देख लीजिए यदि आप राहु काल के समय में अपनी यात्रा की शुरुआत करते हैं तो हो सकता है कि आपके साथ कोई दुर्घटना हो सकती है इसीलिए हिंदी पंचांग का इस्तेमाल कर आप किसी भी जातक का शुभ मुहूर्त का समय देखकर अपने कोई भी कार्य की शुरुआत कर सकते हैं.

तो आइए अब हम हिंदी पंचांग के उन पांच अंगों के बारे में विस्तार से जानते हैं कि इनका मतलब क्या होता है.

तिथि:- किसी को एक सामान्य भाषा में तारीख या दिनांक हिंदी कहा जाता है हिंदी पंचांग के अनुसार 1 माह में 30 दिन होते हैं जिन्हें दो भागों में विभाजित किया जाता है शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष शुक्ल पक्ष में 15 दिन होते हैं प्रथम द्वितीय तृतीय इस तरह से लेकर 15 दिन होते हैं और शुक्ल पक्ष की 15वीं तिथि को पूर्णिमा कहा जाता है.

ठीक इसी प्रकार कृष्ण पक्ष में भी 15 दिन होते हैं और कृष्ण पक्ष की 15वीं तिथि को हम अमावस्या के नाम से जानते हैं हिंदी पंचांग के अनुसार एक तिथि में 19 घंटे से लेकर 24 घंटे तक हो सकते हैं.

वार:- वार को हिंदी में हम दिन कहते हैं, 1 सप्ताह में 7 दिन या वार होते हैं इन साथ वारों के नाम ग्रहों के नाम ऊपर ही रखे गए हैं. Hindi Panchang के अनुसार वारों के नाम सोमवार, मंगलवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार, रविवार होते हैं.

नक्षत्र:- तारों के समूह को नक्षत्र कहा जाता है तथा यह नक्षत्र 27 प्रकार के होते हैं, शुभ समय या मुहूर्त देखने के लिए नक्षत्र का योग बनना बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है.

यह है उन 27 नक्षत्र के नाम अश्विन नक्षत्र, भरणी नक्षत्र, कृत्तिका नक्षत्र, रोहिणी नक्षत्र, मृगशिरा नक्षत्र, आर्द्रा नक्षत्र, पुनर्वसु नक्षत्र, पुष्य नक्षत्र, आश्लेषा नक्षत्र, मघा नक्षत्र, पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र, उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र, हस्त नक्षत्र, चित्रा नक्षत्र, स्वाति नक्षत्र, विशाखा नक्षत्र, अनुराधा नक्षत्र, ज्येष्ठा नक्षत्र, मूल नक्षत्र, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र, श्रवण नक्षत्र, घनिष्ठा नक्षत्र, शतभिषा नक्षत्र, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र, रेवती नक्षत्र.

योग:-  चांद और सूर्य की विशेष दूरी स्थितियों को ही योग कहा गया है नक्षत्र की भांति युग में भी 27 प्रकार होते हैं अब आगे हमने आपको इन सभी 27 युग के नाम बताए हुए हैं

27 योगों के नाम – विष्कुम्भ, प्रीति, आयुष्मान, सौभाग्य, शोभन, अतिगण्ड, सुकर्मा, धृति, शूल, गण्ड, वृद्धि, ध्रुव, व्याघात, हर्षण, वज्र, सिद्धि, व्यातीपात, वरीयान, परिघ, शिव, सिद्ध, साध्य, शुभ, शुक्ल, ब्रह्म, इन्द्र और वैधृति.

करण:- तिथि या दिन के आधे भाग को करण कहा जाता है एक तिथि में दो कारण होते हैं तो इसी प्रकार से एक माह में 60 करण हो जाते हैं, करण को निम्नलिखित दो प्रमुख भागों में रखा गया है चर करण और स्थिर करण बव, बालव, कौलव, तैतिल, गर, वणिज, विष्टि, शकुनि, चतुष्पाद, नाग और किस्तुघ्न यह कुल 11 करण होते हैं.

अब तक आपने हिंदी पंचांग के बारे में पूरी जानकारी देखी थी एक हिंदी पंचांग के अंदर क्या-क्या चीजें होती हैं अब हम यह जानते हैं कि यदि हमें ऑनलाइन हिंदी पंचांग देखना हो तो वह हम कैसे देखेंगे या कहे तो आज का हिंदी पंचांग कैसे देखें (Today Hindi Panchang) तो इसके बारे में हमने आपको नीचे जानकारी बताई हुई है आप उसे जरूर पढ़ें.

Best Hindi Calendar Download

एक एंड्रॉयड स्मार्टफोन आपके अनेक प्रकार के कार्य को करने के लिए सक्षम है आप अपने एंड्राइड मोबाइल का इस्तेमाल करके हिंदी पंचांग भी देख सकते हैं उसके लिए आपको एक एप्लीकेशन डाउनलोड करना होगा उसके बारे में हमने आपको बताया हुआ है कि आपको कौन-सा एप्लीकेशन डाउनलोड करना है.

इस Hindi Panchang Calendar 2021-2022 की सहायता से आप जन्म कुंडली, कुंडली मिलान, शुभ मुहूर्त, प्रमुख तीज, त्यौहार, राशिफल, आज का चौघड़िया, सरकारी अवकाश इस तरह की चीजों को देख सकते हैं. हमने आपको नीचे एक एप्लीकेशन का डाउनलोड लिंक दिया हुआ है आप उस लिंक पर क्लिक करके एप्लीकेशन को डाउनलोड कर लीजिए.

महीनो के नाम | Months Name In Hindi

Months Name In Hindi English English Months Name ऋतु (Season) Days
बैसाख Vaisākha अप्रैल-मई (April–May) ग्रीष्म (Summer)  31 दिन
जयेष्ट Jyeshta मई-जून (May–June) ग्रीष्म (Summer) 31 दिन
अषाढ़ Āshāda जून-जुलाई (June–July) वर्षा (Monsoon) 31 दिन
श्रावण Shraavana जुलाई-अगस्त (July–August) वर्षा (Monsoon) 31 दिन
भाद्रपद Bhādra अगस्त-सितंबर (August–September) शरद (Autumn) 31 दिन
अश्विन Ashwina सितंबर-अक्टूबर (September–October) शरद (Autumn) 30 दिन
कार्तिक Kartika अक्टूबर-नवंबर (October–November) हेमंत (Late Autumn) 30 दिन
अग्रहायण/अगहन Agrahayana नवंबर-दिसंबर (November–December) हेमंत (Late Autumn) 30 दिन
पौष Pausha दिसंबर-जनवरी (December–January) शीत (Winter) 30 दिन
माघ Māgha जनवरी-फ़रवरी (January–February) शीत (Winter) 30 दिन
फाल्गुन Phālguna फ़रवरी-मार्च (February–March) वसंत (Spring) 30 दिन
चैत्र Chaitra मार्च-अप्रैल (March–April) वसंत (Spring) 30 दिन

ऊपर दिए गए चार्ट में हमने आपको हिंदी महीनों के नाम के साथ साथ मौसम के नाम भी साथ ही में लिखे हुए हैं यदि आपको अपने किसी परीक्षा में इस तरीके की चीजें पूछ जाती है तो उसके लिए आपको यह चार्ट काफी सहायता कर सकता है.

तो दोस्तों आज के इस आर्टिकल से आपने आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang) ऑनलाइन कैसे देखें? इसके बारे में जानकारी हासिल कर ली होगी तो यदि आपको हमारा यह पोस्ट पसंद है हो आप इसे अपने फेसबुक और व्हाट्सएप पर शेयर कर सकते हैं और अगर आपको कोई सवाल यह सुझाव हो उसे कमेंट बॉक्स में नीचे लिख कर पूछ सकते हैं.

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