DM की सैलरी कितनी होती है? DM Salary In India

हर किसी का ख्वाहिश होता है की IAS offer बनकर किसी जिले का DM बनाने का ऐसे में आपको ये भी पता होना चाहिए की DM की सैलरी कितनी होती है? और इसमें कितना basic pay और कितना allowances मिलता है. अगर आप नहीं जानते है तो हम यहाँ पर इसके बारे में पूरी जानकारी हासिल करेंगे की DM salary कितना होता है? और IAS officer के लिए कौन सा एग्जाम पास करना होता है?

एक जिले में केवल एक DM होता है और अगर मायने में देखे तो DM ही जिले का मालिक होता है. उसके अंतर्गत ऐसे प्रशासनिक पावर होता है की उसका इस्तेमाल करके मुख्यमत्रीं तक को अपने जिले में आने से रोक सकता है. देश में हमें सामने नेता दिखते है और लोगो को बताते है की वही देश को चला रहे है. लेकिन असल में देश को IAS officers ही चालते है.

डीएम की सैलरी को लेकर लोगो में काफी उत्सुकुता रहती है क्योकि यह एक प्रीमियम गवर्नमेंट जॉब है और हर किसी की सपना होता है. एक दिन आईएएस अफसर बनकर किसी जिले का डीएम बनेंगे इसलिए लोग इसको लेकर थोड़ा भावुक होते है. UPSC की तैयारी करने वाले से आप पूछ कर देखे तो आपको आईडिया लग जायेगा इस जॉब का कितना इम्पोर्टेंस है.

तो आईये जानते है की DM का मतलब क्या होता है और फिर हम DM salary के बारे में विस्तार से जानकारी हासिल करेंगे.

DM क्या होता है?

DM का फुल फॉर्म होता है District Magistrate जिसे हम Collector के नाम से भी जानते है. यह एक जिले का सबसे बड़ा प्रशासनिक अधिकारी होता है. जिसके अंतर्गत जिले के सभी डिपार्टमेंट काम करते है. District Magistrate केवल एक IAS officer ही बन सकता है और इसके पास जिले में सबसे ज्यादा पावर होता है.

लेकिन इतना आसान नहीं होता है हर साल लाखो लोग एग्जाम देते है लेकिन बस कुछ लोगो का ही जिला अधिकारी बनने का सपना पूरा हो पता है. क्योकि IAS के 3 exams होते है और इसमें से कोई एक भी आसान नहीं होता है लोग सालो तक तैयारी करते है तब जाकर कही उन्हें पास होने का मौका मिल पता है. इसमें बहुत सारे लोगो का सपना टूट ही जाता है.

जिले का मुख्य अधिकारी और सरकारी नौकरी में यह बहुत बड़ा पद होता है. यहाँ तक की एग्जाम के माध्यम से अभ्यर्थी का चयन करने वाले पद में सबसे ऊपर यही होता है इससे बड़ा कोई सरकारी नौकरी नहीं है. जिसके लिए डायरेक्ट एग्जाम के माध्यम से भर्ती की जाता हो और इस जॉब के लिए हर साल 8 लाख से ज्यादा कैंडिडेट्स एग्जाम में बैठते है. लेकिन केवल 400 तो 600 ही आईएएस अफसर बन पाते हैं.

डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के पास बहुत पावर होता है और यही लोग आगे चलकर देश के नौकरशाह बनते है. जो की शासन चलाने में मदद करते है और सारे इंटरनल मामले यही देखते है. जैसे की प्रधानमंत्री का सचिव एक आईएएस अफसर ही होता है, गृह मंत्रालय का मुख्य सचिव एक आईएएस अफसर ही होता है. तो ऐसे बहुत सारे पद है जहाँ पर केवल आईएएस अफसर का चयन किया जाता है.

DM की सैलरी कितनी होती है?

IAS officer यानि DM को 7th Pay Commission structure के हिसाब से सैलरी मिलता है. जिसमे इनकी स्टार्टिंग सैलरी Rs.56,100 Per month होता है इसके साथ TA, DA और HRA भी मिलता है. अगर कोई IAS officer किसी जिले में जिला अधिकारी पद पर तैनात है तो उसको Rs.56,100 से लेकर 1,18,500 रुपये हर महीने मिलता है.

इस सैलरी के साथ डीएम को हर तरह की सुविधाएं मिलती है जैसे की चलने के लिए गाड़ी, रहने के लिए घर, नौकर, खाना बनाने वाला, सिक्योरिटी के लिए पुलिस और बहुत कुछ – जो की इनके बेसिक सैलरी के साथ नहीं जोड़ा जाता है. इसके साथ इन्हे बहुत से सरकारी schemes में छूट मिलता है जो आम तौर पर एक सरकारी अफसर को ही मिल सकता है.

एक डीएम को कम से कम 56100 रुपये और मैक्सिमम 250000 रुपये हर महीने सैलरी मिल सकता है लेकिन इसके लिए उसे सालो तक नौकरी करना पड़ता है और cabinet secretary level तक पहुंचना होता है. यहाँ पर मैं आपको IAS officers को मिलने वाले सभी salaries और उससे जुड़े पोस्ट के बारे में जानकारी देता हूँ.

पे स्केल ( रुपये/महीने) कितने साल की नौकरी होनी चाहिए पोस्ट
56100 1-4 Sub-Divisional Magistrate
67700 5-8 Additional District Magistrate
78,800 9-12 District Magistrate
1,18,500 13-16 District Magistrate
1,44,200 16-24 Divisional Commissioner
1,82,200 25-30 Divisional Commissioner
2,50,000 37+ years Cabinet Secretary of India

आईएएस की तनख्वाह कितनी होती है? इसके बारे में हमने जानकारी हासिल कर लिया है अब जानते है की डीएम को कितना पावर मिलता है और यह कैसे बन जनता है एक जिले का सबसे बड़ा अधिकारी. इस तरह और भी बहुत सारे अधिकारी होते है जिनके वेतन के बारे में जानकारी होना चाहिए यहाँ पर हम और कुछ सरकारी बड़े अधिकारीयों के नाम और उनको मिलने वाले वेतन के बारे में बताये है आप लिंक पर क्लिक करे और जानकारी हासिल करे.

डीएम के पास कितना पावर होता है?

अगर के जिला अधिकारी अपने पावर को इस्तेमाल करने पर आ जाये तो यह एक मुख्य मंत्री को अपने जिले के अंदर आने से रोक सकता है. यहाँ तक की अगर जिसला अधिकारी को लगता है की उसके पावर आज़माने का समय आ गया है तो वह एक जिले में कर्फ्यू भी लगा सकता है. इसलिए किसी भी जिले में रहे आप डीएम से बैर करके नहीं रह सकते है.

 

  • DM एक administrative officer होता है इसलिए इसके अंतर्गत जिले हर एक विभाग आते है.
  • जिले के सभी सरकारी विभाग का मुखिया जिला अधिकारी होता है.
  • एक जिले की पूरी व्यवस्था देखने का काम जिला अधिकारी का होता है ऐसे में कभी भी कही पर भी वह छापा मार सकता है.
  • किसी भी तरह के सरकारी इंडस्ट्रियल और नॉन-इंडस्ट्रियल चीज़ो को डीएम ही कण्ट्रोल करता है. बिना इसके परमिशन के कोई भी काम नहीं हो सकता है.
  • एक जिले का सबसे बड़ा प्रशासनिक अधिकारी होता है.
  • अगर डीएम चाहे तो मुख्यमंत्री को जिले के अंदर आने से माना कर सकता है.
  • कोई भी मुख्यमंत्री केवल IAS officer का ट्रांसफर कर सकते है इन्हे ससपेंड नहीं कर सकते है. इसके लिए बहुत ठोस सबूत होने चाहिए तभी ऐसा किया जा सकता है.

IAS officer के लिए कौन सा एग्जाम पास करना होता है?

अगर आपकी ख्वाहिस है की आप को IAS officer बनाना है तो इसके लिए आपको UPSC (Union Public Service Commission) द्वारा कराये जाने वाले Civil Services Examination (CSE) exam को पास करना होगा तभी आप एक IAS officer बन सकते है. इसमें कुछ 3 exams होते है और सिलेक्टेड कैंडिडेट का ट्रेनिंग होता है.

इसके दो पेपर होते है और एक इंटरव्यू होता है और इन सभी को पास करना होता है.

  • 2 hours/paper (Prelims)
  • 3 hours/paper (Mains)

अगर आप सोचते है written टेस्ट निकाल लिया तो आप IAS बन जायेंगे लेकिन ऐसा नहीं है. बहुत सारे लोग ऐसे होते है जो की इंटरव्यू में फेल हो जाते है. क्योकि इसका इंटरव्यू आम जॉब इंटरव्यू की तरह नहीं होता है. इसमें ऐसे-ऐसे questions पूछे जाते है जो अपने कभी सुना ही नहीं होगा इसलिए यहाँ पर केवल दिमाग वाले लोग ही पास हो पाते है.

लेकिन आप इस एग्जाम में तभी बैठ सकते है जब आपके पास एक विशेष योग्यता होगी क्योकि हर किसी को मौका नहीं मिलता है UPSC के एग्जाम में बैठने के लिए , डीएम बनने के लिए योग्यता

  • मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन होना चाहिए.
  • General वर्ग के लिए आयु सीमा 21 वर्ष से 32 तक रखी गई है.
  • OBC वर्ग के लिए आयु सीमा 21 वर्ष से 35 वर्ष तक रखी गई है, 3 साल की छूट के साथ
  • SC/ST वर्ग के लिए 21 वर्ष से 37 वर्ष तक रखी गई है, 5 साल की छूट के साथ
  • करैक्टर बिलकुल क्लीन होना चाहिए.

अगर ये सारी योग्यताये है तो आप एग्जाम में बैठ सकते है और अगर एग्जाम क्लियर हो जाता है. तो आपको एक इंटरव्यू देना होगा उसके बाद आपका चयन किया जायेगा ट्रेनिंग के लिए जो की 6 महीने तक चलता है और उसके बाद आपको जोइनिंग मिलने लगता है. जिला अधिकारी को कभी भी उनके अपने राज्य में जोइनिंग नहीं दिया जाता है आपको किसी दूसरे राज्य में ही चयन किया जायेगा जैसे की अगर उत्तर प्रदेश है तो आपको बिहार, उड़ीसा, हरयाणा जैसे राज्य मिल सकते है.

दोस्तों यहाँ पर हमें जानकारी हासिल किया है की जिला अधिकारी यानि DM की सैलरी कितनी होती है? और इसको सविंधान की तरह से कितना पावर मिलता है. अगर आप इसकी तयारी करना चाहते है बहुत से Online education Apps है जहा पर इसके बारे में जानकारी विस्तार से दिया जाता है. आप वहा से सीख सकते है. अगर आपका कोई सवाल या सुझाव हो तो कमेंट में जरूर बताये

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