Hanuman Chalisa Lyrics in Hindi – श्री हनुमान चालीसा

Hanuman Chalisa Lyrics Hindi में तलाश कर रहे है? ताकि आप श्री हनुमान चालीसा का पाठ याद कर सके और गोस्वामी तुलसीदासजी द्वारा रचित हनुमान चालीसा में दिव्य शक्तिया है और अगर आप दिन में एक बार इसका पाठ करते है. तो जीवन कठिनाईयों से मुक्ति पा सकते है. ऐसे में हमने सोचा क्योकि हनुमान चालीसा हिंदी लिरिक्स आप सभी के साथ साझा किया जाए ताकि आप सभी इसको याद कर सके और जब चाहे तो इसका पाठ कर सके.

हिन्दू धर्म में भगवान श्री हनुमान की पूजा, आराधना बहुत ही श्रद्धा भाव से किया जाता है. ये सभी दुखो के हरने वाले है और इसीलिए इन्हे संकटमोचन नाम से भी जाना जाता है. इसलिए हम यहाँ पर Hanuman Chalisa In Hindi में शेयर कर रहे है इससे आप Lyrics से पूरा याद कर सकते है. ताकि सुबह उठते ही संकटमोचन का नाम का चालीसा पढ़े और अपने जीवन से सभी दुखो को दूर करे.

Hanuman Chalisa Lyrics in Hindi

सभी देवताओ में हनुमान जी ही एक ऐसे देवता है जो की कलयुग में है और इस समाज का कल्याण करने का काम कर रहे है. ऐसे में अगर किसी को सबसे ज्यादा ध्यान करना चाहिए तो वो है संकटमोचन और यहाँ पर आपको पूरा हनुमान चालीसा लिरिक्स मिल जायेगा जिसे आप याद करके सुबह नहाने के बाद एक बार पाठ करते है तो सभी कष्टों से छुटकारा पा सकते है.

Hanuman Chalisa Lyrics in Hindi

यहाँ पर पूरा हुनमान चालीसा पाठ लिरिक्स हिंदी में दिया गया है. आप यहाँ से पढ़ कर इसे याद कर सकते है इसके साथ गुलसन कुमार कृत वीडियो भी है. जिसे आप देख सकते है और अगर आप घर में चाहे तो सुबह इसे Alexa या Google Assistant की मदद से अपने स्मार्ट डिवाइस में बजा सकते है. इससे पूरे घर का मौहाल शांतिपूर्ण हो जायेगा और सभी को हनुमान चालीसा सुनने को मिल जायेगा.

जय हनुमान ज्ञान गुन सागर।
जय कपीस तिहुं लोक उजागर।।
रामदूत अतुलित बल धामा।
अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा।।

महावीर विक्रम बजरंगी।
कुमति निवार सुमति के संगी।।
कंचन वरन विराज सुवेसा।
कानन कुण्डल कुंचित केसा।।

हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजै।
काँधे मूँज जनेऊ साजै।
शंकर सुवन केसरीनंदन।
तेज प्रताप महा जग वन्दन।।

विद्यावान गुणी अति चातुर।
राम काज करिबे को आतुर।।
प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया।
राम लखन सीता मन बसिया।।

सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा।
विकट रूप धरि लंक जरावा।।
भीम रूप धरि असुर संहारे।
रामचंद्र के काज संवारे।।

लाय सजीवन लखन जियाये।
श्रीरघुबीर हरषि उर लाये।।
रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई।
तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई।।

सहस बदन तुम्हरो जस गावैं।
अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं।।
सनकादिक ब्रह्मादि मुनीशा।
नारद सारद सहित अहीसा।।

जम कुबेर दिगपाल जहां ते।
कवि कोविद कहि सके कहाँ ते।।
तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा।
राम मिलाय राज पद दीन्हा।।

तुम्हरो मंत्र विभीषन माना।
लंकेश्वर भये सब जग जाना।।
जुग सहस्र योजन पर भानू।
लील्यो ताहि मधुर फल जानू।।

प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं।
जलधि लांघि गये अचरज नाहीं।।
दुर्गम काज जगत के जेते।
सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते।।

राम दुआरे तुम रखवारे।
होत न आज्ञा बिनु पैसारे।।
सब सुख लहै तुम्हारी सरना।
तुम रक्षक काहू को डरना।।

आपन तेज सम्हारो आपै।
तीनों लोक हांक तें कांपै।।
भूत पिसाच निकट नहिं आवै।
महाबीर जब नाम सुनावै।।

नासै रोग हरै सब पीरा।
जपत निरंतर हनुमत बीरा।।
संकट तें हनुमान छुड़ावै।
मन क्रम वचन ध्यान जो लावै।।

सब पर राम तपस्वी राजा।
तिनके काज सकल तुम साजा।
और मनोरथ जो कोई लावै।
सोई अमित जीवन फल पावै।।

चारों युग परताप तुम्हारा।
है परसिद्ध जगत उजियारा।।
साधु-संत के तुम रखवारे।
असुर निकंदन राम दुलारे।।

अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता।
अस वर दीन जानकी माता।।
राम रसायन तुम्हरे पासा।
सदा रहो रघुपति के दासा।।

तुम्हरे भजन राम को भावै।
जनम-जनम के दुख बिसरावै।।
अन्त काल रघुबर पुर जाई।
जहाँ जन्म हरि-भक्त कहाई।।

और देवता चित्त न धरई।
हनुमत सेई सर्व सुख करई।।
संकट कटै मिटै सब पीरा।
जो सुमिरै हनुमत बलबीरा।।

जै जै जै हनुमान गोसाईं।
कृपा करहु गुरुदेव की नाईं।।
जो सत बार पाठ कर कोई।
छूटहिं बंदि महा सुख होई।।

जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा।
होय सिद्धि साखी गौरीसा।।
तुलसीदास सदा हरि चेरा।
कीजै नाथ हृदय महँ डेरा।।

ये पूरा हनुमान चालीसा का हिंदी Lyrics है जिसे आप कॉपी करके अपने लोकल फाइल में सेव कर सकते है या फिर यहाँ से पढ़ कर इसे याद कर सकते है. यह गोस्वामी तुलसीदासजी द्वारा लिखित संकटमोचन का पाठ है. जिसके के बारे में खुद गोस्वामी तुलसीदासजी ने कहा था की अगर कोई व्यक्ति इसे नियमित रूप से पढ़ता है तो उसके जीवन में शायद कभी ऐसा समय नहीं आएगा जब उसे बहुत बड़े संकटो से जूझना पड़े.

हनुमान चालीसा कैसे पढ़े?

राम भक्त हनुमान वैसे अपने भक्तो से बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाते है. हनुमान चालीसा में कुल 40 पंक्तियाँ है. इसे पढ़ने का एक नियम है क्योकि हिन्दू धर्म में इसका महत्व बहुत ज्यादा है और ऐसे में जब भी संकटमोचन का पाठ करने जाए तो कुछ बातों का ध्यान रखे. ताकि सब कुछ सही तरीके से हो और आप पूरे ध्यान से पढ़ सके.

  • प्रातःकाल जल्दी उठे और नहाये फिर अपने पहले हुए वस्त्र को बदल ले.
  • अब अपने मुँह की दिशा पूर्व या दक्षिण दिशा की ओर करके लाल आसान पर बैठे.
  • हनुमान जी का फोटो पूर्व या दक्षिण दिशा की ओर करके किसी लाल कपड़े पर रखे.
  • देशी गाय के घी से या तिल के तेल से दिया जलाये और फिर 3 बार हनुमान चालीसा का पाठ पढ़े.
  • गुड़ या बूंदी के लड्डू का भोग लगाए और प्रसाद बाटे और यह लगातार कम से कम 11 मंगलवार ऐसा करे.

कुछ और जरुरी बाते होती है जिन्हे ध्यान में रखना चाहिए संकटमोचन को याद करते समय,

  • हमेशा नहाने के बाद ही पाठ पूजा करे.
  • शराब या मास का सेवन करने के बाद बिलकुल भी हनुमान जी को याद ना करे और ना ही इनका पाठ करे.

हनुमान चालीसा का पाठ कौन सा है?

हनुमान जी बार बहुत सारे गाने और चौपाई है ऐसे में बहुत सारे लोगो को समझ में नहीं आता है की सही वाला पाठ कौन सा है. इसलिए यहाँ पर जो आपको बताया गया है ऊपर वही इसका सही वाला पाठ है. जिसकी शुरुआत कुछ इस प्रकार से होता है.

जय हनुमान ज्ञान गुन सागर।
जय कपीस तिहुं लोक उजागर।।
रामदूत अतुलित बल धामा।
अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा।।

हनुमान चालीसा कब लिखी गई थी?

यह 16वी शताब्दी में लिखी गयी थी और इसे गोस्वामी तुलसीदास जी ने लिखा था और आज भी यही लोगो के बीच सबसे प्रसिद्ध है. हनुमान चालीसा अवधी में लिखा एक काव्यकृत है जो की संकटमोचन के गुणों के बारे में है और इसमें कुल 40 चौपाई है और लोग इसी का पाठ करते है. इसको लोगो को ज्यादा बेहतर समझ में आये इसके लिए गुलसन कुमार जी हिंदी में हनुमान चालीसा बनाया है जो की वीडियो के रूप में यहाँ पर आप देख सकते है.

दोस्तों, यहाँ पर Hanuman Chalisa Lyrics in Hindi के बारे में बताया है. ऐसे में अगर आपको चौपाई डाउनलोड करना है तो इसके बारे में यहाँ से जानकारी मिल जायेगा और अगर आप दोहा और चौपाई में अंतर नहीं जानते है तो इसके बारे में आपको विकिपीडिया जैसे साइट पर जानकारी मिलेगा और अगर आपका कोई सवाल या सुझाव है तो कमेंट में हमसे भी पूछ सकते है.

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