जन्माष्टमी क्यों मनाई जाती है? इसके बारे में बताईये

क्या आप जानते हैं की जन्माष्टमी क्यूँ मनाया जाता है? यदि नहीं तो यहाँ पर हम आपको बताएँगे की जन्माष्टमी क्यों मनाई जाती है? और इसके लिए Songs कहा से डाउनलोड कर सकते है?. पूरे भारतवर्ष में जन्माष्टमी की धूम हर कही देखी जा सकती है, कान्हा जी के जन्मदिन के इस मौके पर देशभर में धूमधाम से सजावट की जाती है. देश के अलग-अलग हिस्सों में विशेष अंदाज में भक्ति संगीत से कान्हा जी को उनके जन्मदिन के उपलक्ष्य में शुभकामनाएं दी जाती हैं.

जन्माष्टमी का त्योहार हिन्दुओं के लिए बहुत ही उत्साह भरा पर्व है, जन्माष्टमी को श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है. श्रीकृष्ण को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है. इनका जन्म देवकी और वासुदेव के पुत्र के रूप में मथुरा के जेल में हुआ था. कृष्ण जन्माष्टमी भगवान श्री कृष्ण जो की विष्णु के आठवे अवतार थे उनका जनमोत्सव है. योगेश्वर कृष्ण के भगवद्गीता के उपदेश अनादि काल से जनमानस के लिए जीवन दर्शन प्रस्तुत करते रहे हैं. जन्माष्टमी को भारत में हीं नहीं बल्कि विदेशों में बसे भारतीय भी पूरी आस्था व उल्लास से मनाते हैं.

लेकिन, इस दिन को मथुरा के विरीन्दावन में अनोखी ही तरीके से मनाया जाता है क्योंकि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म मथुरा के विरीन्दावन में हुआ था, पर क्या आप जानते हैं कि Krishna जन्माष्टमी कब, क्यों और कैसे मनाया जाता है? अगर नहीं तो हमारे साथ बने रहिये, साथ ही साथ आप यह भी जान सकते हैं कि जन्माष्टमी का महत्व क्या है? इसके बारे में पूरी जानकारी यहाँ मिलेगा.

जन्माष्टमी क्यों, और कैसे मनाया?

कृष्ण जन्माष्टमी मनाया जाता है भगवान् श्री कृष्ण के जन्म के रूप में जो की भगवान् विष्णु के आठवे अवतार है और इस धरती पर जन्म लिए थे पापी-दुराचारी कंस से लोगो को मुक्ति दिलाने के लिए, श्री कृष्ण ने माता देवकी की कोख से इस धरती पर अत्याचारी मामा कंस का वध करने के लिए मथुरा में अवतार लिया था इनका पालन पोषण माता यशोदा ने किया. श्री कृष्ण बचपन से ही बहुत नटखट थे उनकी कई सखिंया भी थी.

श्री कृष्ण ने अपना अवतार भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मध्यरात्रि को मथुरा में जन्म लिया। इसलिये भगवान स्वयं इस दिन पृथ्वी पर अवतरित हुए थे अत: इस दिन को कृष्ण जन्माष्टमी के रूप में मनाते हैं. इसीलिए श्री कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर मथुरा नगरी भक्ति के रंगों से सराबोर हो उठती है.

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन मौके पर भगवान कान्हा की मोहक छवि देखने के लिए दूर दूर से श्रद्धालु आज के दिन मथुरा पहुंचते हैं. श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर मथुरा कृष्णमय हो जाता है. मंदिरों को खास तौर पर सजाया जाता है. जन्माष्टमी में स्त्री-पुरुष बारह बजे तक व्रत रखते हैं. इस दिन मंदिरों में झांकियां सजाई जाती है और भगवान कृष्ण को झूला झुलाया जाता है और रासलीला का भी आयोजन होता है. मंदिरों को खूबसूरती से सजाया जाता है और भक्त आधी रात तक इंतजार करते हैं ताकि वे देख सकें कि उनके द्वारा बनाई गई खूबसूरत ख़रीद के साथ उनके बाल गोपाल कैसे दिखते हैं

जन्माष्टमी कैसे मनाई जाती है?

Shri Krishan Janmashtmi

जन्माष्टमी के पर्व पर होने वाली चहल-पहल पूरे भारत में देखी जाती है इसके साथ-साथ विदेशों में रहने वाले भारतीय भी वहां जन्माष्टमी के पर्व को धूमधाम से मनाते हैं. भक्तों द्वारा जन्माष्टमी के इस पर्व पर उपवास रखा जाता है, मंदिरों को सजाया जाता है, लड्डू-गोपाल की मूर्ति को झूला झूलाया जाता है, भजन-कीर्तन किये जाते हैं. इसका साथ ही अनेक स्थानों पर युवाओं में इस दिन दही- हंडी तोड़ने का जोश देखा जाता है.

इसके अलावा भगवान कृष्ण की नगरी मथुरा में दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं. तथा मंदिरों में श्रद्धा भक्ति भाव से भगवान कृष्ण की पूजा अर्चना करते हैं. इस दिन पूरी मथुरा नगरी में भगवान कृष्ण के पर्व की चमचमाहट नजर आती है . केवल मथुरा में नहीं आपको पूरे देश में श्री कृष्ण की झाकिया देखने को मिलेंगे लोग 12 भजे तक व्रत रहते है और फिर बड़े धूम-धाम से गाने के साथ श्री कृष्ण का जन्मदिन मनाया जाता है.

श्रीकृष्ण बचपन से ही बहुत नटखट और शरारती थे. उन्हें माखन खाना काफी अधिक पसंद था जिसके लिए वो दूसरों के घरों के मटकी से माखन चुराकर खाते थे. भगवान कृष्ण की इसी लीला को उनके जन्मोत्सव पर किया जाता है. देश के कई भागों में इस दिन मटकी फोड़ने का कार्यक्रम भी आयोजित किया जाता है. Krishna Janmashtami में दही-हांडी या मटकी फोड़ने की रस्म भक्तों के दिलों में भगवान श्रीकृष्ण की यादों को ताजा कर देती हैं.

जन्माष्टमी 2021 Date in India

जन्माष्टमी किस दिन मनाया जायेगा इसको लेकर लोगो के बीच एक असमंजस होता है क्योकि इंडिया में जन्माष्टमी 2 दिन मनाया जाता है एक तो केवल साधु-संतो के लिए होता है और एक दिन सभी लोगो के लिए इस साल 2021 में जन्माष्टमी 30 अगस्त दिन सोमवार को पड़ेगा और सोमवार का हिन्दू धर्म में खाश महत्त्व है इसलिए इस बार जा जन्माष्टमी और भी खाश है.

पोंगल त्यौहार कब मनाया जाता है?

जन्माष्टमी गीत (Song)

Janmashtami song का अलग ही महत्त्व है और इस दिन सेलिब्रेशन के लिए तो हर तरह के गाने बजाये जाते है और लोग खुद से गाते है. ये सभी जानते है की Janmashtami क्यों मनाया जाता है? भगवान श्री कृष्ण के जन्मदिवस के रूप में तो इसके लिए गीत भी इसी तरह के होते है.

  • Swagatham Krishna (From “Agnyaathavaasi”) by Niranjana Ramanan
  • Bhajare Nanda Gopala (From “Dwaraka”) by K. S. Chithra
  • Govindha Krishna Jai (From “Paandurangadu”) by S. P. Balasubrahmanyam
  • Govardhana Giridhara (From “Sri Krishna Darshnam”) by P. Unnikrishnan
  • Madhurashtakam (From “Stothramaala”) by Bombay Sisters
  • Yamunna Thatilo (From “Dalapathi”) by Swarnalatha
  • Cheri Yasodhaku (From “Annamayya Pada Singaram”) by G. Balakrishna Prasad
  • Achuthashtakam (From “Stothramaala”) by Bombay Sisters
  • Krishna Krishna (From “Ammayi Bagundi”) by Udit Narayan, Chitra
  • Gopala Baludamma (From “Ooyala”) by K. S. Chithra
  • Radhe Radhe (From “Chirujallu”) by S. P. Balasubrahmanyam, Chitra, Vishala
  • Hey Krishna (From “Paandurangadu”) by S. P. Balasubramanyam, Himabindu

दोस्तों उम्मीद है आपको यहाँ से जानकारी मिल गया हो की श्री कृष्ण जन्माष्टमी क्यों मनाया जाता है? और इस साल कब आएगा जन्माष्टमी और पूरे देश में कैसे धूम-धाम से मनाई जाती है. अगर आप इसके बारे में अपना कोई विचार प्रकट करना चाहते है तो कमेंट में इसके बारे में जरूर बताये.

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