कुतुब मीनार की ऊँचाई (लम्बाई) कितनी है? कुतुब मीनार के बारे पूरी जानकारी

कुतुब मीनार की ऊँचाई – यह एक ऐतिहासिक ईमारत है जिसे मुग़ल शासन काल में बनाया गया था. इसे देखने पुरे देश हर साल लाखो लोग आते है और ऐसे में कुतुब मीनार के बारे में बहुत से फैक्ट्स है जो की हमें जानना चाहिए। इसके साथ हम ये भी जानकारी हासिल करेंगे इसे किसने बनाया, किसी याद में बनवाया गया और कुतुब मीनार की ऊँचाई (लम्बाई) कितनी है? क्योकि इसकी हाइट से जुड़े प्रश्न बहुत बार पूछे जाते है और कुतुब मीनार की कहानी और रहस्य के बारे में जानकारी मिलेगा.

क़ुतुब मीनार देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) में स्थित है और जहाँ पर इसको बनाया गया है वो हिस्सा दक्षिणी दिल्ली के महरौली भाग में स्थित है. इसको मुगल शासको ने बनवाया था और आज यह देश का एक महत्वपूर्ण ईमारत है जिसे लाखो टूरिस्ट देखने आते है. देश-विदेश से और बहुत सारे लोग प्रश्न के तौर पर जानना चाहते है क़ुतुब मीनार की लम्बाई कितनी है? क्योकि इसके बारे में सवाल बहुत पुछा जाता है.

यूनेस्को ने कुतुबमीनार को UNESCO World Heritage का दर्जा दिया है. इस ईमारत को बनाने के लिए कई साल लगे और बहुत सारे मुग़ल शासको ने मिलकर इसे बनाया और पूरे मीनार को बलुआ पत्थरों बनाया है और इस पर बहुत महीन नक्काशी की गयी है जो की मीनार की शोभा बढ़ाती है और इस पर आपको मुगलों का छाप भी देखने को मिलेगा इसपर पर कुरान की आयत लिखा गया है.

क़ुतुब मीनार की ऊँचाई (लम्बाई) कितनी है?

क़ुतुब मीनार की लम्बाई  यानि ऊंचाई 72.5 मीटर (237.86 फीट) और इसके व्यास की चौड़ाई 14.3 मीटर है. बहुत पर एग्जाम के ऐसा सवाल पूछ लिया जाता है की क़ुतुब मीनार की लम्बाई बताओ तो ऐसे में आपको एकदम सटीक जवाब देना होता है. इसलिए आप पॉइंट के बाद के अंक को याद रखना बहुत जरुरी है. इस मीनार की जिसने नीव रखी उसकी मौत हो गई और इसको तीन शासको ने मिलकर पूरा किया था.

बहुत सारे लोग सर्च करते है Height of Qutub Minar तो आपको यहाँ से पता चल गया होगा की ऊँचाई कितनी है. यह पांच मंजिला ईमारत दिल्ली में स्थित एक लोकप्रिय टूरिस्ट प्लेस है. यहाँ पर कोई भी delhitourism.travel पर जाकर टिकट बुक करके देखने जा सकता है.

Qutub Minar Entry Fee (Ticket Price)

  • 30 रुपये हर एक भारतीय व्यक्ति के लिए
  • 0 रुपये 15 साल से कम उम्र के बच्चे के लिए
  • 500 रुपये विदेशी टूरिस्ट के लिए
  • 25 रुपये हर एक पर्सनल कैमरा के लिए
  • 25 रुपये हर एक वीडियो रिकॉर्डिंग के लिए

Qutub Minar Image

इस प्रश्न का उत्तर देते समय प्रतियोगी परीक्षा में बैठने वाले जल्दबाजी में गड़बड़ कर जाते हैं. इसलिए आपको पहले फ़ीट और मीटर के अंतर को समझाना होगा अगर पुछा जाता है की क़ुतुब मीनार की ऊंचाई कितनी है? फ़ीट में बताये तो आपको 237.86 फीट बताना होगा और अगर मीटर में पुछा जाता है तो आपको 72.5 मीटर बताना होगा.

भले ही यह कई सौ साल पुरानी ईमारत है लेकिन आज तक इसे कोई भूकंप या आधी इसी हिला नहीं पाया है. उस समय के कुशल कारीगरों ने ऐसा मीनार बनाया  है जो की दिखने में पतला और गोलाकार है लेकिन बहुत ज्यादा मजबूत है और इसे कोई हिला नहीं सकता है.

Qutub Minar Timings (कब जा सकते है देखने )

Day (दिन) Timing (समय)
सोमवार (Monday) 7:00 am – 5:00 pm
मंगलवार (Tuesday) 7:00 am – 5:00 pm
बुधवार (Wednesday) 7:00 am – 5:00 pm
बृहस्पतिवार (Thursday) 7:00 am – 5:00 pm
शुक्रवार (Friday) 7:00 am – 5:00 pm
शनिवार (Saturday) 7:00 am – 5:00 pm
रविवार(Sunday) 7:00 am – 5:00 pm

कुतुब मीनार किसने बनाया?

1192 ए. डी. में भारत में पहले मुग़ल शासक क़ुतुबुद्दीन ऐबक  (Qutub-ud-din Aibak ) ने इसका नीव रखा था और क़ुतुबुद्दीन ऐबक केवल क़ुतुब मीनार नीव रख पाया था और अगले मुग़ल शासक इल्तुतमिश ने इसके आगे के तीन मंजिले को बनवाया और उसके बाद 1368 ए. डी. में फीरोजशाह तुगलक ने पांचवी और आखिरी मंजिल बनवाया और इसे बनाया गया था नमाज़ अदा करने के लिए,

क़ुतुब मीनार के खम्बे नुमा ईमारत है जिसमे 379 सीढ़िया है और आज के समय में यह एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है. जिसे देखने के लिए हर साल लाखो लोग आते है और चुकी क़ुतुबुद्दीन ऐबक ने इस मीनार की नीव रखी थी इसलिए क़ुतुब मीनार को बनवाने वाला इन्हे ही माना जाता है.

इसको अरबिक डिज़ाइन में बनाया गया है जो की देखने से बहुत खूबसूरत दिखता है इसपर इस तरह से नक्कासी की गयी है. जैसा लगता है की मधुमक्खी के छत्ते हो, इसको 1489-1517 फिर से बहाल कराया गया बहलोल लोदी के द्वारा और फिर अंग्रेजो की शासन काल में मेजर R. Smith ने इसको बहाल कराया था. 1974 तक लोग इसके सबसे ऊपरी छत पर जा सकते थे लेकिन 1981 में इसे बंद कर दिया गया और अब कोई नहीं सबसे ऊपर वाली छत पर जा सकता है.

कुतुब मीनार किसकी याद में बनाया गया था?

बहुत सारे लोगो का सवाल होता है की किसकी याद में इसको बनवाया गया तो इसके लिए आपको चौकने की जरुरत नहीं है. उस समय यह एक धार्मिक ईमारत थी जो की किसी इंसान से नहीं बल्कि अफगानिस्तान के जाम की मीनार से प्रेरित होकर बनाया गया था और उसी की तरह दिल्ली में स्थित इस इमारत का आकर भी गोलनुमा है.

क़ुतुब मीनार की कहानी

देश में जो भी पुरानी इमारते है उनके कुछ ना कुछ राज और रहस्य होते है और लोगो को इसके बारे में जानने की बहुत इच्छा होती है. लेकिन इस मीनार की कोई ऐसी रहस्यभरी कहानी नहीं है. चुकी भारत में 12वी शताब्दी में मुग़ल काल की शुरुआत हो गया था और यह देश में तेजी के साथ इस्लाम धर्म का प्रचार और प्रसार करने लगे.

चुकी धर्म का प्रचार करने के लिए कुछ ऐसी इमारते होनी चाहिए जिसे स्मारक के रूप में दिखाया जा सके तो इसके लिए मुग़ल शासको ने सोचा कुछ ऐसा बनाया जाए जो की देश में पहले कभी नहीं था और फिर उन्होंने अफगानिस्तान एक ईमारत से प्रेरित होकर जिसका नाम जाम की मीनार, एक ऐसा मीनार भारत में बनवाने का विचार किया.

क्योकि उस समय अफगानिस्तान में जाम की मीनार का बहुत महत्व था और ऐसे में एक ऐसा धार्मिक ईमारत इंडिया में बनवाने के लिए उस समय के शासक क़ुतुबुद्दीन ऐबक ने इस मीनार की नीव रखी और जैसा की आप जानते है दिल्ली में जो की उस समय मुग़ल शासक की राजधानी हुआ करती थी और आज देश की राजधानी है.

क़ुतुबुद्दीन ऐबक के नाम पर ही इस मीनार का नाम क़ुतुब मीनार रख दिया गया और फिर नीव रखने के कुछ समय बाद क़ुतुबुद्दीन ऐबक की मौत हो गयी उसके बाद इसके उत्तराधिकारियों ने इसका काम पूरा किया और पांच मंजिल की यह भव्य मीनार बनकर तैयार हुआ जो की आज विश्व के धरोहर में शामिल है.

1981 में इसमें एक दर्दनाक कहानी घटित हो गयी थी जब करीब 300-400 लोग इसके अंदर थे और अचानक Electricity चली गयी और इसकी वजह से अंदर बिलकुल अंधकार हो गया और उस समय 45 लोगो की जान चली गयी थी और इसकी वजह से टावर के अंदर जाने पर बैन लगा दिया गया.

ऐसे और भी बहुत सारे सवाल होते है जो लोग पूछते है

क़ुतुब मीनार में कितनी सीढ़िया है?

इस मीनार में कुल 379 सीढ़ियाँ है जो इसके अंदर से बानी है और उसके माध्यम से इसके आखिरी मंजिल तक पंहुचा जा सकता है.

कुतुब मीनार कौन से राज्य में है?

यही दिल्ली राज्य में स्थित है और दिल्ली राज्य में यह दक्षिणी दिल्ली के महरौली भाग में स्थित है.

कुतुब मीनार तक कैसे पहुंचे?

Qutub Minar तक पहुंचने के लिए आज देश या विदेश से डायरेक्ट दिल्ली IGI एयरपोर्ट पर आ सकते है फिर वह से मेट्रो के माध्यम से Qutub Minar station पहुंच सकते है और फिर यहाँ से आप Car या bike rent करके 1 KM दूर स्थित इस तक पहुंच सकते है. यहाँ पर आपको Qutub Minar के nearest metro station का नाम यहाँ पर बता देते है.

मेट्रो स्टेशन मेट्रो लाइन Distance from स्टेशन से Qutub Minar की दुरी चलकर जाने में कितने समय लगेगा
Qutub Minar Metro Station Yellow 1.6 किलोमीटर 20 मिनट
Saket Metro Station Yellow 1.8 किलोमीटर 25 मिनट
Chattarpur Metro Station Yellow 3 किलोमीटर 40 मिनट
Hauz Khas Metro Station Yellow 3.7 किलोमीटर 50 मिनट

कुतुब मीनार का निर्माण किसने पूरा करवाया?

क़ुतुब मीनार को फीरोजशाह तुगलक ने पूरा कराया था.  जो की तुग़लक़ वंश का शासक था और इसका जन्म दिल्ली में हुआ था और सुल्तान बनने के बाद फ़िरोज़शाह तुग़लक़ ने सभी क़र्ज़े माफ कर दिए और इस मुग़ल के समय के सबसे अच्छा राज्यों में से एक माना जाता था.

कुतुब मीनार कितने मंजिल का है?

इस इमारत की पांच मंजिलें हैं. हर एक मंजिल में एक बालकनी है और इसका आधार 1.5 मी. व्‍यास का है जो धीरे-धीरे कम होते हुए शीर्ष पर 2.5 मीटर का व्‍यास रह जाता है.  अगर आप इसे देखने जाते है तो आपको हर मंजिल पर चढ़ने और उसको अनुभव करने का मौका मिल जाता है.

दोस्तों, उम्मीद है आपको क़ुतुब मीनार के ऊचाई के बारे में सही जानकारी मिल गया हो और इस ईमारत से जुड़े और बहुत सारे प्रशनो के जवाब आपको यहाँ मिले है. जो की आपके भारत के इस ऐतिहासिक धरोहर के बारे में जानने में और एग्जाम के लिए इससे जुड़े फैक्ट्स को याद रखने में मदद मिलेगा और अगर इससे जुड़ा कोई सवाल या सुझाव हो जो की आपको लगता है इसके बनाने के कहानी या रहस्य से जुड़ा है. तो कृपया इसके बारे में कमेंट में जरूर बताये.

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